भानगढ़ क़िले की दूसरी सच्ची कहानी।
दूसरी दास्तां : राजकुमारी रत्नावति और तांत्रिक सिंधु सेवड़ा की कहानी इस कहानी के अनुसार भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावति बहुत रूपवति थी. उसके रूप की चर्चा पूरे भानगढ़ में थी और कई राजकुमार उससे विवाह करने के इच्छुक थे. उसी राज्य में सिंधु सेवड़ा नामक एक तांत्रिक रहता था. वह काले जादू में पारंगत था. राजकुमारी रत्नावति को देखकर वह उस पर आसक्त हो गया. वह किसी भी सूरत में राजकुमारी को हासिल करना चाहता था. एक दिन राजकुमारी रत्नावति की दासी बाज़ार में उनके लिए श्रृंगार का तेल लेने गई. तब तांत्रिक सिंधु सेवड़ा ने तांत्रिक शक्तियों से उस तेल पर वशीकरण मंत्र प्रयोग कर रत्नावति के पास भिजवाया. उसकी योजना थी कि वशीकरण के प्रभाव से राजकुमारी रत्नावति उसकी ओर खिंची चली आयेंगी. लेकिन राजकुमारी रत्नावति तांत्रिक का छल समझ गई और उसने वह तेल एक चट्टान पर गिरा दिया. तंत्र विद्या के प्रभाव में वह चट्टान तीव्र गति से तांत्रिक सिंधु सेवड़ा की ओर जाने लगी. जब तांत्रिक ने चट्टान से अपनी मौत निश्चित देखी, तो उसने श्राप दिया कि भानगढ़ बर्बाद हो जायेगा. वहाँ के निवासियों की शीघ्र मौत हो जायेगी और उनकी आत्माएं स...